विदेश में रहने वालो की जिंदगी कैसी होती है ? | Worker Life in gulf (videhs) संघर्ष और समर्पण की कहानी

 Workers Life in gulf  | विदेश में काम करने वालों का एक दिन: संघर्ष और समर्पण की कहानी

Welcome in Parvasigyan.com - विदेश में रहने वालो की जिंदगी कैसी होती है , प्रवास की दुनिया बाहर से जितनी सुनहरी दिखती है, हकीकत में वह उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। विदेशी धरती पर एक कामगार का दिन सूरज निकलने से पहले ही शुरू हो जाता है, जहाँ हर मिनट समय के साथ एक दौड़ होती है।

Worker Life in gulf (videhs)
Gulf life for worker hindi me 

यहाँ एक प्रवासी कामगार की दिनचर्या का विस्तृत विवरण दिया गया है:

1. भोर की शुरुआत और तैयारी

  • Gulf worker -परदेसियों का दिन सुबह 4:30 या 5:00 बजे शुरू होता है। उठते ही मन में सिर्फ एक ही विचार होता है— ड्यूटी पर समय से पहुँचना। कभी-कभी बाथरूम के लिए भी लंबी कतारों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद वे अपना खाना पैक करते हैं, वर्दी पहनते हैं और सबसे महत्वपूर्ण चीज़— अपना कंपनी आईडी कार्ड चेक करते हैं। आईडी के बिना साइट पर प्रवेश वर्जित होता है।

2. ड्यूटी के लिए प्रस्थान

  • सुबह 5:30 से 6:00 बजे के बीच बस आ जाती है। बस पकड़ना अनिवार्य है, क्योंकि अगर एक बार गाड़ी छूट गई, तो दूसरी कोई व्यवस्था नहीं होती और पूरी ड्यूटी छूट जाती है। बस में लगभग एक घंटे का सफर  तय करके वे कार्यस्थल (साइट) पहुँचते हैं।

3. साइट पर सुरक्षा और अनुशासन

  • साइट पर पहुँचते ही सबसे पहले हाज़िरी (Attendance) लगाई जाती है। उसके बाद TBT (Tool Box Talk) यानी सुरक्षा सभा होती है, जिसमें काम को सुरक्षित तरीके से करने के निर्देश दिए जाते हैं। अरामको (Aramco) जैसी साइटों पर काम से ज्यादा  सुरक्षा (Safety) पर ध्यान दिया जाता है।

 4. कार्य और चुनौतियाँ

  • Gulf worker - दिन भर कड़ी मेहनत के बीच दोपहर 12:00 बजे एक घंटे का भोजन अवकाश (Lunch Break) मिलता है।

प्रतिकूल मौसम:- यदि तेज हवाएं या बारिश हो, तो सुरक्षा की दृष्टि से काम को रोक दिया जाता है। हवा कम होने पर ही दोबारा काम शुरू होता है।

 अनुपालन: पूरे दिन सुरक्षा निर्देशों और WPR (Work Permit Receiver) के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।

 5. शाम की वापसी और घरेलू काम

  • Gulf worker - छुट्टी से आधा घंटा पहले अपना सारा सामान समेटकर स्टोर में जमा करना होता है। फिर एक घंटे का सफर तय कर वे अपने कमरे पर लौटते हैं। कमरे पर पहुँचकर आराम करने की बजाय खाना बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है।

 6. रात का समय और आराम

  • रात के 9:00 से 10:00 बजे तक खाना खाने के बाद, वे थोड़ा समय मोबाइल पर बिताते हैं। घर की यादों और अगले दिन की जिम्मेदारी के बीच 11:00 से 12:00 बजे तक नींद आती है। और फिर वही चक्र अगले दिन सुबह 4:30 बजे से दोबारा शुरू हो जाता है।

**निष्कर्ष:**

Gulf worker - एक प्रवासी की जिंदगी केवल पैसा कमाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य और अपनों के लिए किए गए बलिदान की कहानी है। विदेशी धरती पर हर दिन एक नया संघर्ष होता है, जिसे वे अपनी मुस्कान और मेहनत से जीतते हैं।

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